ग्लाइसीराइज़ा ग्लबरा (वाल्मी)

Glycyrrhiza glabra Glycyrrhiza glabra Glycyrrhiza glabra

ग्लाइसीराइज़ा ग्लबरा (फैमिली फैबेसी), जिसे आमतौर पर लिकोरिस वाल्मी के नाम से जाना जाता है, एक बारहमासी जड़ी-बूटी वाला पौधा है जिसका इस्तेमाल हज़ारों सालों से खाने की चीज़ों और दवाइयों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। पुराने समय से ही दुनिया भर में खांसी के इलाज के लिए लिकोरिस की जड़ का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें ग्लाइसीराइज़िन, ग्लाइसीराइज़िनिक एसिड, फ्लेवोनोइड्स, आइसोफ्लेवोनोइड्स और चाल्कोन्स जैसे कई एक्टिव कंपाउंड होते हैं। ग्लाइसीराइज़िन और ग्लाइसीराइज़िनिक एसिड को मुख्य एक्टिव कॉम्पोनेंट माना जाता है और ये स्टेरॉयड जैसे स्ट्रक्चर के कारण कोर्टिसोल मेटाबॉलिज्म को रोकने में असरदार होते हैं। इस पौधे की जड़ का इस्तेमाल खांसी, जुकाम, अस्थमा और COPD के इलाज के लिए किया जाता रहा है।

आयुर्वेदिक दवा में इसका इस्तेमाल

  • स्टोमेटाइटिस,
  • फेरिन्जाइटिस,
  • कंजंक्टिवाइटिस,
  • लिवर में जकड़न,
  • क्रोनिक पेचिश,
  • लैरिन्जाइटिस,
  • ब्रोंकाइटिस,
  • मासिक धर्म में अनियमितता,
  • बांझपन,
  • अपेंडिसाइटिस,
  • पल्मोनरी ट्यूबरकुलोसिस,
  • आंखों की बीमारियां वगैरह के लिए किया जाता है।

Glycyrrhiza glabra Glycyrrhiza glabra Glycyrrhiza glabra