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लकपुरा डिहाइड्रेटेड आम के पत्ते का पाउडर
लकपुरा डिहाइड्रेटेड आम के पत्ते का पाउडर
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आम के पत्ते मधुमेह के उपचार में बहुत उपयोगी होते हैं। आम के पेड़ की कोमल पत्तियों में एंथोसायनिडिन्स नामक टैनिन पाए जाते हैं, जो प्रारंभिक मधुमेह के उपचार में मदद करते हैं। पत्तियों को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है या उसी स्थिति के उपचार के लिए इन्फ्यूजन के रूप में उपयोग किया जाता है। यह डायबिटिक एंजियोपैथी और डायबिटिक रेटिनोपैथी के उपचार में भी मदद करता है। आम के पत्तों की चाय इस उद्देश्य के लिए बहुत अच्छी होती है। पत्तों के पाउडर को एक कप पानी में रात भर भिगो दें। पानी को छानकर पीने से मधुमेह के लक्षणों से राहत मिलती है। यह हाइपरग्लाइसीमिया के उपचार में भी मदद करता है। पत्तियों में 3beta-taraxerol नामक यौगिक और एथिल एसीटेट एक्सट्रैक्ट होता है, जो इंसुलिन के साथ मिलकर GLUT4 को सक्रिय करता है और ग्लाइकोजन संश्लेषण को उत्तेजित करता है।
रक्तचाप कम करना: ये पत्ते रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं क्योंकि इनमें हाइपोटेंसिव गुण होते हैं। ये रक्त वाहिकाओं को मजबूत करने और वैरिकोज़ वेन्स की समस्या के उपचार में भी सहायक होते हैं।
बेचैनी का उपचार: जो लोग चिंता के कारण बेचैनी से पीड़ित हैं, उनके लिए आम के पत्ते एक अच्छा घरेलू उपचार हैं। स्नान के पानी में आम के पत्तों की चाय के दो से तीन कप मिलाने से शरीर की असहजता दूर होती है और शरीर तरोताजा महसूस करता है।
पित्त और गुर्दे की पथरी: आम के पत्ते गुर्दे और पित्त की पथरी के उपचार में मदद करते हैं। छाया में सुखाए गए आम के पत्तों के बारीक पिसे हुए पाउडर को रात भर रखे गए पानी के साथ रोजाना लेने से पथरी टूटकर शरीर से बाहर निकल जाती है।
श्वसन संबंधी समस्याएँ: आम के पत्ते सभी प्रकार की श्वसन समस्याओं के लिए अच्छे होते हैं। ये विशेष रूप से सर्दी, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा में उपयोगी हैं। पानी में आम के पत्तों को उबालकर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर काढ़ा पीने से खांसी में राहत मिलती है। यह आवाज़ बैठने की समस्या में भी मदद करता है।
पेचिश का उपचार: यह रक्तयुक्त पेचिश के उपचार में बहुत सहायक होते हैं। छाया में सुखाए गए पत्तों को पाउडर बनाकर दिन में दो से तीन बार पानी के साथ लेने से पेचिश रुक जाती है।
कान दर्द: कान का दर्द बहुत परेशान कर सकता है। यह घरेलू उपचार राहत देता है। आम के पत्तों से निकाले गए रस की एक चम्मच मात्रा को हल्का गर्म करके कान में डालने से दर्द में राहत मिलती है।
जलन और जलने के घाव: त्वचा की जलन और जलने के घावों के उपचार के लिए आम के पत्तों को जलाकर राख बना लें और इस राख को प्रभावित स्थान पर लगाएं। यह तुरंत राहत प्रदान करता है।
पेट का टॉनिक: आम के पत्तों के पाउडर को गर्म पानी में डालकर, बर्तन को ढककर रात भर छोड़ दें। सुबह इसे छानकर खाली पेट पीएं। इसका नियमित सेवन पेट के लिए अच्छा टॉनिक का काम करता है और विभिन्न पेट की समस्याओं से बचाव करता है।
चूंकि आम के पेड़ के पत्ते पूरे वर्ष उपलब्ध रहते हैं, इसलिए इनका उपयोग घरेलू उपचार में आसान है। इनके एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण विभिन्न बीमारियों के उपचार में प्रभावी हैं।
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