धार्मिक आयोजन
श्रीलंका में धार्मिक आयोजन इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं, जहाँ बौद्ध, हिंदू, ईसाई और मुस्लिम त्योहार मनाते हैं। प्रमुख आयोजनों में बौद्ध वेसाक, हिंदू थाई पोंगल, ईसाई ईस्टर और मुस्लिम रमज़ान शामिल हैं। इन उत्सवों में जीवंत अनुष्ठान, जुलूस और सामुदायिक समारोह होते हैं, जो श्रीलंका की आध्यात्मिक विरासत और विविध परंपराओं के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण की एक अनूठी झलक प्रस्तुत करते हैं।
धार्मिक आयोजन
श्रीलंका संस्कृति, आध्यात्म और परंपराओं से भरपूर देश है, जिसे पूरे वर्ष जीवंत त्योहारों और आयोजनों के माध्यम से मनाया जाता है। कैंडी एसाला पेराहेरा, जो जुलाई या अगस्त में आयोजित होती है, नर्तकों, संगीतकारों, अग्नि कलाकारों और सजे हुए हाथियों के भव्य जुलूसों के लिए प्रसिद्ध है। यह आयोजन बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति के बाद दिए गए प्रथम उपदेश की स्मृति में मनाया जाता है। इसी प्रकार कतरगामा एसाला महोत्सव भी भक्तों की गहरी आस्था को दर्शाता है।
बौद्ध कैलेंडर में पवित्र पोया दिवस महत्वपूर्ण हैं, जैसे वेसाक जो मई में आता है और बुद्ध के जन्म, ज्ञान और निर्वाण को दर्शाता है। पूरे द्वीप में दीप सजाए जाते हैं और लोग दान व ध्यान में भाग लेते हैं। जून का पोसोन पोया श्रीलंका में बौद्ध धर्म के आगमन को स्मरण करता है।
श्रीलंका की सांस्कृतिक विविधता अन्य धार्मिक त्योहारों में भी दिखाई देती है। हिंदू दीवाली मनाते हैं, मुसलमान रमज़ान रखते हैं और क्रिसमस पूरे द्वीप में हर्षोल्लास से मनाया जाता है।