Sri Lanka
Sri Lanka, an island nation in South Asia, is renowned for its rich cultural heritage, diverse landscapes, and wildlife. Attractions include ancient temples, pristine beaches, lush tea plantations, and vibrant festivals. The country's unique blend of cultures, warm hospitality, and delicious cuisine make it a captivating destination for travelers.
श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण (एसएलटीडीए)
SLTDA देश में पर्यटन उद्योग को नियमित और व्यवस्थित करने के लिए जिम्मेदार आधिकारिक सरकारी संस्था है, साथ ही श्रीलंका को अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने, उसकी स्थिति निर्धारित करने और विकसित करने का कार्य भी करती है। SLTDA श्रीलंका की प्राकृतिक क्षमता का उपयोग करके पर्यटन सेवाओं का विस्तार और सुधार करने के लिए जिम्मेदार है, जिससे निवेशकों को लाभ मिलता है और समुदायों को सतत रूप से समर्थन प्राप्त होता है।
इतिहास
1966 में, श्रीलंका सरकार ने एक संस्थागत ढांचा स्थापित करने की आवश्यकता को पहचानने के बाद पर्यटन को योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से विकसित करने का निर्णय लिया। इसके लिए सीलोन टूरिस्ट बोर्ड (Ceylon Tourist Board Act No. 10 of 1966 के तहत स्थापित) और सीलोन होटल्स कॉरपोरेशन (Ceylon Hotels Corporation Act of 1966 के तहत स्थापित) की स्थापना की गई।
पर्यटन अधिनियम
पर्यटन अधिनियम संख्या 38, 2005 अक्टूबर 2007 में प्रभावी हुआ, जिसने श्रीलंका टूरिस्ट बोर्ड अधिनियम संख्या 10, 1966 को प्रतिस्थापित किया, जो पिछले 41 वर्षों से लागू था। नए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, पर्यटन विकास कोष को कानूनी रूप से स्थापित किया गया, जिसके दो मुख्य स्रोत हैं: (हवाई अड्डा कर संग्रह का 1/3 भाग और श्रीलंका टूरिस्ट बोर्ड में पंजीकृत सभी प्रतिष्ठानों के कुल कारोबार का 1%) जो इस कोष में योगदान करते हैं।
इस अधिनियम के तहत श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई, जिसने श्रीलंका टूरिस्ट बोर्ड का स्थान ले लिया। पर्यटन संवर्धन ब्यूरो को विपणन और प्रचार के प्रबंधन के लिए स्थापित किया गया।
पर्यटन मानव संसाधन विकास के कार्य और होटल स्कूल के संचालन वर्तमान में श्रीलंका पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान द्वारा किए जा रहे हैं। श्रीलंका कन्वेंशन ब्यूरो को भी अन्य संस्थानों की तरह एक स्वतंत्र प्रबंधन बोर्ड द्वारा संचालित एक वैधानिक संस्था के रूप में पुनर्गठित किया गया।